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चिकनपॉकà¥â€à¤¸ à¤à¤• वायरल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ है जिसमें खà¥à¤œà¤²à¥€ और फà¥à¤²à¥‚ जैसे लकà¥à¤·à¤£ सामने आते हैं। आमतौर पर चिकनपॉकà¥â€à¤¸ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। इस इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के इलाज में लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को ठीक करने की कोशिश की जाती है।
चिकनपॉकà¥â€à¤¸ के उपचार में दवाओं के साथ-साथ कà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–े à¤à¥€ काम आ सकते हैं। यहां हम आपको कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं जो इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ से लड़ने के लिठबचà¥â€à¤šà¥‡ की इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी को बढ़ाà¤à¤‚गे और उसे जलà¥â€à¤¦à¥€ ठीक करने में मदद करेंगे।
​कैलामाइन लोशन
कैलामाइन लोशन खà¥à¤œà¤²à¥€ को कम करने में मदद कर सकता है। इस लोशन में सà¥à¤•िन को ठंडक और राहत पहà¥à¤‚चाने वाले गà¥à¤£ होते हैं जिसमें जिंक ऑकà¥â€à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ à¤à¥€ शामिल है। रूई के फाहे से कैलामाइन लोशन को खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली जगह पर लगाà¤à¤‚।
​ओटमील बाथ
ओटमील बाथ से चिकनपॉकà¥â€à¤¸ में खà¥à¤œà¤²à¥€ से राहत मिल सकती है। आप घर पर à¤à¥€ ओटमील बाथ तैयार कर सकते हैं।
बड़े बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठà¤à¤• कप और छोटे शिशॠके लिठ⅓ कप ओटà¥à¤¸ लें। ओटà¥à¤¸ अनफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤°à¥à¤¡, धीरे पकने वाले होने चाहिà¤à¥¤ आप ओटà¥à¤¸ के दानों को फूड पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¤° में à¤à¥€ छोटा कर सकते हैं। à¤à¤• मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤¨ बैग में ओटà¥à¤¸ को डालें।
अब à¤à¤• टब में गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी डालें और à¤à¤• गिलास में à¤à¤• चमà¥â€à¤®à¤š ओटà¥à¤¸ डाल दें। अगर ओटà¥à¤¸ पानी में à¤à¤¬à¥â€à¤œà¥‰à¤°à¥à¤¬ हो जाते हैं और पानी दूधिया हो जाता है, तो इसका मतलब है कि ओटà¥à¤¸ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ रूप से घà¥à¤² चà¥à¤•े हैं।
फिर टब वाले पानी में गिलास वाला पानी मिला दें और 20 मिनट तक बचà¥â€à¤šà¥‡ को टब में बिठाà¤à¤‚।
आप बचà¥â€à¤šà¥‡ को ओटमील लोशन à¤à¥€ लगा सकते हैं।
​कैमोमाइल टी
किचन में मौजूद कैमोमाइल टी à¤à¥€ चिकनपॉकà¥â€à¤¸ में होने वाले खà¥à¤œà¤²à¥€à¤¦à¤¾à¤° दानों को ठीक कर सकती है। कैमोमाइल में à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• और à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं।
नहाने के पानी में कैमोमाइल के दो से तीन टी बैगà¥â€à¤¸ डाल दें। अब साफ कपड़ा इस पानी में à¤à¤¿à¤—ोà¤à¤‚ और खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली सà¥à¤•िन पर लगाà¤à¤‚। इसके बाद सà¥à¤•िन को अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से सà¥à¤–ा लें।
​दरà¥à¤¦ निवारक दवाà¤à¤‚
अगर आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ को चिकनपॉकà¥â€à¤¸ के छाले हो रहे हैं और उसमें दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो रहा है या बà¥à¤–ार à¤à¥€ है, तो बचà¥â€à¤šà¥‡ को दवा देनी चाहिà¤à¥¤
दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठà¤à¤¸à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ ले सकते हैं। हो सके इबूपà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ न लें कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि चिकनपॉकà¥â€à¤¸ में इसकी वजह से कोई गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤•िन इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो सकता है।
आप डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह के बिना बचà¥â€à¤šà¥‡ को कोई दवा न दें।
​डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को कब दिखाà¤à¤‚
अधिकतर मामलों में समय के साथ चिकनपॉकà¥â€à¤¸ अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन कà¥à¤› मामलों में डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° या पीडियाटà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ को दिखाने की जरूरत होती है।
अगर बचà¥â€à¤šà¤¾ à¤à¤• साल से छोटा है।
यदि बचà¥â€à¤šà¥‡ की इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी कमजोर है या किसी दीरà¥à¤˜à¤•ालिक बीमारी की वजह से उसकी इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी कमजोर हो गई है।
जब बचà¥â€à¤šà¥‡ को 102 डिगà¥à¤°à¥€ फारेनहाइट से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤–ार हो या बà¥à¤–ार चार दिन से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो या 24 घंटे में बà¥à¤–ार ठीक हो जाठऔर फिर दोबारा हो जाà¤à¥¤
अगर बचà¥â€à¤šà¥‡ को गरà¥à¤¦à¤¨ में अकड़न, उलà¤à¤¨, सांस लेने में दिकà¥â€à¤•त या बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग वाले रैशेज हो रहे हैं।
कà¤à¥€-कà¤à¥€ डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° चिकनपॉकà¥â€à¤¸ को जलà¥â€à¤¦à¥€ ठीक करने के लिठà¤à¤‚टीवायरल दवाà¤à¤‚ à¤à¥€ लिख सकते हैं।
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